आमतौर पर हम कोई भी खेल खेलें उस खेल में प्रयोग होने वाली ऊर्जा शक्ति के हिसाब से शरीर ऊर्जा प्रयोग करता है| बड़े से बड़ा खेल भी क्यों न हो उस में शरीर की मास्पेशिओं के अनुपात से, शारीरिक वजन से, बॉडी फ्रेम के हिसाब से ऊर्जा शक्ति का प्रयोग होता है| कोई 50 किलोग्राम का खिलाड़ी, 70 किलो या 90 किलो के खिलाड़ी के अनुपात में कम कैलोरीज या ऊर्जा की खपत करेगा और उसी प्रकार विभिन्न व्यायमो के अनुसरण से ऊर्जा शक्ति का व् अन्य खाद्य पदार्थों को शरीर प्रयोग में लाता है ! अगर हम लगातार एक घंटा 5 किलोमीटर प्रीति घंटा की स्पीड पर दौड़ें या उसी शक्ति से साइकिल चलायें या तैरें तो औसतन 250 से 300 कैलोरीज 60 से 65 किलो वाला व्यक्ति खर्च करेगा और 400 से 500 कैलोरीज 80 से 90 वाला व्यक्ति खर्च करेगा! अगर हम दौड़ने की या वयायाम की स्पीड 10 किलोमीटर प्रति घंटा लगातार बिना रुके एक घंटा करें तो ऊर्जा शक्ति की दोगुनी हो सकती है! परन्तु यह मुमकिन नहीं है कोई इतनी शक्ति से लगातार दौड़ सकें! हाँ यह क्रिया कुछ प्रोफेशनल खिलाड़ी ही कर सकते हैं| पर आम आदमी इस स्तर से वयायाम नहीं कर सकता| अगर यही वयायाम का स्तर जिम एक्सरर्साइज़ में रखें तो बहुत ज्यादा कैलोरीज बर्न हो सकती है परन्तु यह मुमकिन नहीं है की हम लगातार इस शक्ति से व्यायाम या वज़न उठा सकें की पूरा एक घंटा हम वजन उठाते ही रहें| अगर यह देखा जाए की हम जिम में जाने के बाद ज्यादा से ज्यादा 15 से 20 सेट 12 से 15 रेपिटीशन वाले करते हैं तो हमारा एक घंटा व्यायाम में लग जाता है| और अगर हम ध्यान से देखें की 15 सेट का मतलब है की हम सेट को 30 से 40 सेकिण्ड में लगते हैं| और 15 या 20 सेटस में 600 से 900 सेकंड तक ही वयायाम करते हैं. जबकि बाकि समय हम अगले सेट की तैयारी के लिए आराम करते हैं| यानि की 20 से 25 मिनट तक हम वजन के नीचे जोर लगा रहे होते हैं और बाकी मिनट हम आराम कर रहे होते हैं| इस प्रकार हम 300 से लेकर 450 कैलोरीज अपने वजन के हिसाब से प्रयोग करते हैं| इस का अभिप्राय यह हुआ की अगर हमने जिम शुरू किया है तो अपनी दिनचर्या में प्रयोग होने वाली कैलोरीज में तक़रीबन 300 से 400 कैलोरीज ज्यादा खर्च करेंगें| जिसके के लिए हम अपनी खुराक में जिम जुआंइन करते समय थोड़ी बढ़ोतरी कर लें तो बढ़िया होगा| परन्तु आमतौर पर जिम जुआंइन करने के एक दम बाद अपनी खुराक में अकारण ही जरूरत से ज्यादा खुराक भर लेते हैं| जैसे की दूध, अंडे, पनीर, चिकन, ब्रेड्स, आलू, सुप्प्लीमैंट आदि अपनी आम खुराक के ऊपर भर लेते हैं, जो की पूर्णतया गलत है इस प्रकार हम अपनी खेल को लोगो में ज्यादा मेह्गा और मुश्किल बताते हैं.! जबकि ऐसा नहीं है! जिम जाना अपने आप में शारीरक स्फूर्ति पैदा करता है जिससे न सिर्फ आपकी ऊर्जा शकती बढ़ती है और आपकी पाचन शकती बढ़ती है| आम तौर पर लोग अपनी जरुरत के हिसाब से डेड से दो गुना खाते है और पतले लोगो में यह मलमूत्र बन जाता है और मोटे लोगो की शारीरिक चर्बी बढ जाती है| मेरी तो यही सलाह है जिम जुआइन करे तो अपनी खुराक को पहले से कम कर देना चाहिए, चाहे आप को वजन बढ़ाना है या वजन घटना है तब भी आप जरुरत से कम खाए और बार बार 5 से 7 बार थोड़ा थोड़ा करके खाए ताकि आपकी थकी हुई मास्पेशिअ अगले 24 से 48 घंटे तक थोड़े थोड़े , बार बार खाए हुए खाने में से जरुरी तत्व प्रयग में ले सके ! इससे आप पहले से ज्यादा ताकतवर, अकार में बड़े और कम बॉडी फैट प्राप्त कर सके! जैसे कि मैंने बताया है की 5 से 7 बार थोड़ा थोड़ा संतुलित भोजन खाएं और उस में से 2 - 3 बार में आम खाने को जगह सप्लीमेंट ले सकते है| एक ऐसा सप्लीमेंट जो आपको संतुलित आहार दे और आपको उस पे पूर्ण विश्वास हो और यह नक्कली न हो और विश्वसनीय हो. ऐसा सप्लीमेंट आप को आसानी से उत्तम क्वालिटी का पोषण दे जिससे आप तंदरुस्त रहे|