सदियों से यह धारणा ही नहीं पूरा विशवास है कि सैर अपने आप में पूर्ण व्यायाम है | यह पूर्णतय गलत है क्योंकि सैर के कुछ थोड़े बहुत फायदे तो हो सकतें हैं परन्तु जितना विशवास इस बात पर होता है कि शायद सैर से हमारा भार कम हो जाएगा,सेहत अच्छी रहेगी ,दिल तथा साँस कि बिमारिओं में फयदा होगा यह पूर्णता गलत है| सैर के फायदे 1) सुबह जल्दी उठने कि आदत जिससे आप का सारा दिन तनाव रहित रहता है| 2) या शाम को खाना खाने कि बाद सैर करने कि आदत जिससे थोड़ा थकने कि बाद अच्छी नींद आती है| 3)दिन भर कि भिविन शारीरक व् मानसिक तनाव से कुछ देर के लिए आराम मिलता है| 5) सुबह -सुबह अच्छी व् साफ़ सुथरी हवा मिलती है | 6) अपनी उम्र के दोस्त मित्रों से मिलकर विभिन विषयों पर वार्तालाप होता है | 7) सैर के साथ -साथ हल्का व्ययाम करने से शारीर के विभिन जोड़ों और मांसपंशियों को व्ययाम मिलता है | 8) कुछ देर के लिए सांसरिक व्यवस्थाओं से अलग हट कर अपने शारीर के लिए समय निकलने से एक अलग ही मानसिक आराम मिलता है | सैर के कुछ ऐसे फायदे जिनके लिए हम सैर करने जाते हैं परन्तु कुछ हासिल नहीं होता | 1) सैर करने से वजन कभी काम नहीं होता (वजन कम करने के लिए खुराक कम करना ही एक रास्ता है) 2) सैर करने से दिल को कोई ताकत नहीं मिलती (आमतौर पर लोग सैर से वापिस आने पर ही दिल के दौरों का शिकार होते हैं ) 3) सैर करने से जोड़ व् मांसपेशियां तंदरुस्त रहती हैं ( ज्यादातर सख्त जगह पर , लगातार रोजाना , ज्यादा लम्बे समय के लिए सैर करने पर घुटने व् एड़ियां दुखने लग पड़ती हैं) 4) कौलैस्ट्राल व् यूरिक ऐसिड कम करने से सैर कतई भी फयदेमंद नहीं है क्योंकि कौलेस्ट्रॉल व् यूरिक ऐसिड काम करने के लिए हमें खुराक के विभिन पहलूओं को ध्यान में रखना जरूरी है|

सैर ऐसें करें अगर आप सैर का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं तो उसे एक तरह की पावर वाकिंग की तरह करें यानि के सैर 20 से 30 मिनट से ज्यादा न करें अपने आपको इसी टाइम में पूरा जोर लगाकर थकाएं|आपने हाथ और टांगों के साथ कोई डम्बल या हल्का वेट वैल्ट डाल कर सैर करें |सैर नरम जगह पर ही करें |ज्यादा जोर लगाने के लिए सैर रेतली जगह पर करें तो जयादा फायदा होगा पर सैर कभी बी सप्ताह में सात दिन न करें | सैर सप्ताह में 3-4 दिन ही पूरा जोर लगाकर करें |

fitness plans