वेट लिफ्टिंग अच्छे स्वास्थ्य के लिए किए जाने वाले व्यायाम का ही एक हिस्सा है। कुछ लोग, बाकी व्यायाम करते हैं लेकिन वेट लिफ्टिंग से बचते हैं। लोगों में ये गलत धारणा होती है कि वेट लिफ्टिंग की वजह से स्वास्थ्य को अधिक लाभ नहीं होता बल्कि जोड़ों में दर्द होता है और महिलाओं का शरीर भारी-भरकम हो जाता है। ये धारणाएं बेबुनियादी हैं। अगर आप चाहते हैं कि आप फिट रहें, आपका शरीर मजबूत व स्वस्थ रहे, साथ ही आपकी चर्बी कम हो, तो आपको वेट लिफ्टिंग जरूर करनी चाहिए।

मांसपेशियों का विकास

मजबूत मांसपेशियों से न सिर्फ शरीर बेहतर होता है बल्कि वजन भी घटता है। वेट ट्रेनिंग का एक सबसे बड़ा कारण ये होता है कि इससे मांसपेशियों की वृद्धि व विकास होता है। वेट लिफ्टिंग के बाद आपकी मांसपेशियां पहले से बढ़ जाती हैं, नष्ट मांसपेशियां सुधर जाती हैं और इसी वजह से चयापचय क्षमता बहुत बढ़ जाती है।

शारीरिक आकार

वेट लिफ्टिंग का दूसरा फायदा यह‍ है, कि इससे आपके शरीर की बनावट सुगठित होकर, शरीर को आदर्श आकार देती है, जिसे अंग्रेजी में फिगर कहा जाता है। इससे आपका व्यक्तित्व में भी उभार आता है, और आप पहले से बेहतर दिखाई देते हैं।

शरीर की शक्ति व मजबूती बढ़ती है

वेट लिफ्टिंग के पहले छह से आठ सप्ताह के दौरान, आपके शरीर में बल के लिए अपनी मांसपेशियों का इस्तेमाल करने की क्षमता बेहतर हो जाती है। हालांकि, इस शुरुआती अवधि के बाद, शक्ति व मजबूती आने की गति धीमी हो जाती है और ये कभी भी स्थिर हो सकता है। जितनी ज्यादा अवधि तक भार आप उठाएंगे, उतनी ज्यादा शक्ति आपको हासिल होगी।

तनाव होगा कम

जी हां वेट लिफ्टिंग का एक बड़ा फायदा यह है, कि आप खुद को तनाव मुक्त महसूस करते हैं। अगर आप नियमित तौर पर इसे अपने व्यायाम में शामिल करते हैं, तो आप आप मानसिक तनाव की समस्या को कोसों दूर कर सकते हैं।

लगातार कैलोरी कम होना

यह भी एक विशेष फायदा है, कि जब आप व्यायाम खत्म कर देते हैं, उसके बाद भी आप लगातार शरीर से कैलोरी कम कर रहे होते हैं। क्योंकि आपका शरीर व कोशिकाएं अपना काम कर रहे होते हैं।

फैट खत्म करना

लाइट वेट लिफ्टिंग की तुलना में हेवी वेट लिफ्टिंग करने से अधिक फैट बर्न किया जा सकता है। जितना भारी वजन आप उठाएंगे उतनी ज्यादा कैलोरी आप कम करेंगे। वहीं दूसरी तरफ, लाइट-वेट लिफ्टिंग से वर्काउट के सिर्फ एक घंटे बाद ही फैट बर्न होने लगता है।

कार्यक्षमता

वेट लिफ्टिंग से आपकी मसल्स मजबूत होती हैं और आपकी कार्य करने की क्षमता में वृद्धि‍ होती है। इतना ही नहीं यह आपको सेहत के प्रति अनुशासन का पाठ भी पढ़ाता है।

दिल के लिये फायदेमंद

हालांकि इसका नाम कार्डियो नहीं है, लेकिन वेट लिफ्टिंग के लाभ कार्डियोवस्कुलर एक्सरसाइज जैसे ही होते हैं। ऐसा देखा गया है कि सजिस्टेंस ट्रेनिंग रुटीन से दवाओं के जितना ब्लड प्रेशर लो होता है।

आयु लम्बी होती है

वैसे तो कई सामान्य एक्सरसाइज से आयु बढ़ती है, लेकिन खासतौर पर वेट ट्रेनिंग से आपकी उम्र में कुछ अतिरिक्त सालों का इज़ाफा होता है।

ध्यान रखने योग बातें

चाहे आप लाइट वेट लिफ्टिंग करें या फिर हेवी वेट लिफ्टिंग, कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी है। खाली पेट वेट लिफ्टिंग एक्सरसाइज न करें, न ही खाने खाने के तुरंत बाद। एक्सरसाइज के तकरीबन 40 मिनट पहले खाना खा लें। अगर आपको फिर से भूख लगी हो तो दस मिनट पहले हल्का स्नैक ले सकते हैं। इसके अलावा, तुरंत वेट लिफ्टिंग एक्सरसाइज शुरू न कर दें। इससे पहले वॉर्म-अप करना जरूरी है। इससे आपके खून और आपकी मसल्स में अधिक ऑक्सीजन का संचार होने लगेगा। इन सब बातों का ध्यान रख कर ही वेट लिफ्टिंग करें ।