आओ हम उन बाडी पार्टस को मजबूत करे जो पीछे रह चुके हैं या आप के शरीर की बनावट के अनुपात से कमज़ोर हैं। ज्यादातर लोगों में टांगें अपने शरीर के ऊपरी भाग से कमज़ोर होती हैं या फिर बाजु का साईज शरीर के अन्य हिस्सों के अनुपात में छोटे या बड़े होता हैं। अपने शरीर के कमज़ोर हिस्सों को दूसरों के अनुपात के बराबर लाने के लिए एक ही फंडा है कि उन बाडी पार्टस को प्रयाप्त व्यायाम या आराम दें ता कि उन मांसपेशियों का साईज़ बढ़ सके और आप का शरीर पहले से ज्यादा बढिय़ा और अनुपात वाला हो। इस बार मैं आप को बैक परिऔरिटी ट्रेनिंग प्रोग्राम बताने जा रहा हुं जिससे आप की बैक बाईसिप, ट्राईसैप पहले से अच्छी हो जाएंगी और आप किसी भी कॉम्पिटिशन में पहले से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

ट्रेनिंग:

पहला दिन: चैस्ट (बैंच प्रैस 3 सैट, इन्कलाईंड बैंच प्रैस 2 सैट, डिकलाईंड बैंच प्रैस या पैरलल बार डिप्स 2 सैट) + शोल्डर (फ्ंट प्रैस 2 सैट, साईड लेटरल या बैंडओवर साईड लेटरल 1 या 2 सैट)

दूसरा दिन: संपूर्ण आराम

तीसरा दिन: बैक (चिनिंग 3 सैट, लैटस पुल डाऊन 2 सैट, ग्राऊंड पुली या टी-बार रोइंग 1 या 2 सैट) + बाईसिप (बारबैल कर्ल 2 सैट, डम्बल कर्ल या परीचर कर्ल 1 या 2 सैट) + ट्रैपिजीयस (शर्गका 1 या 2 सैट) + ट्राईसैप (पुली पुश डाउन 2 सैट, बारबैल ट्राईसैप एक्सटैंशन 1 या 2 सैट)+ अपर ऐबस (सिट-अपस 2 सैट, क्रंचिज 1 सैट)

चौथा दिन: संपूर्ण आराम,

पांचवा दिन: लोअर बॉडी (स्कवैट 3 सैट, लैग प्रैस या हाफ स्कवैट 2 सैट + लैग कर्ल 2 सैट, डैड लिफ्ट 3 सैट), पुलओवर 2 सैट, काफ रेस 3 सैट अंत में लैग रेस 2 सैट, लोअर ऐबस (लैग रेस 2 सैट रिवर्स क्रंचिज 1 सैट)

छठा दिन: आराम,

सांतवां दिन: दूसरे दिन जैसा,

आंठवां दिन: आराम,

नौवां दिन: चौथे दिन जैसा।

इस बात का ध्यान रखा जाए कि इन सभी व्यायामों में रैपीटीशन 6 से 8 के बीच में रहनी चाहिए और भार प्रयाप्त मात्रा में होना चाहिए। कुछ व्यायाम जैसे कि ऐबडोमिन, काफ के रैपस 18 से 20 होने चाहिए। अगर आप को लगे कि आप ज्यादा रैपस निकाल सकते हैं तो बहुत धीरे-धीरे यह 18 से 20 रैपीटीशन करें ताकि हर रैपस को धीरे-धीरे करते समय पूरा ध्यान उन मांसपेशियों की तरफ रखना चाहिए जिनका हम व्यायाम कर रहे होते हैं। इस तरह 10 दिन के प्रोग्राम में हमने टांगों का 2 बार व्यायाम किया और ट्रेनिंग से पहले एक छुट्टी और ट्रेनिंग के बाद 1 छुट्टी होने की वजह से मांसपेशियों को ज्यादा प्रफुलित और ताकतवर होने का मौका मिलता है।

औफ सीजन के समय आप कोशिश करें कि आपका वजन कॉम्पिटिशन के वजन से 2-3 किलो से ज्यादा न बढ़े परंतु आप की ताकत और रैपीटीशन लगाने की क्षमता निरंतर बढ़ती जाए। औफ सीजन के दौरान कोशिश करें कि बाडी फैट न चढ़े और आप की मांसपेशियों का आकार लगातार बढ़ता जाए जिसका पैमाना आप की बढ़ती हुई ताकत जिससे आप 6 या 8 रैपीटीशन लगा सके ।

-- डॉ.रणधीर हस्तीर