आजकल शरीर बनाने के चक्कर में देसी खुराक छोड़ कर फिटनेस सप्लीमेंट्स की तरफ अपना रुझान बढ़ा रहे हैं। भाग-दौड़ की जिंदगी में यूथ को सब कुछ फास्ट चाहिए.फिटनेस भी। बाजारों में खुलेआम अलग-अलग कंपनियों के नकली फिटनेस सप्लीमेंट्स बेचे जा रहे हैं, जहां इन सप्लीमेंट्स को खाने के साथ नौजवान पैसों की बर्बादी कर रहे हैं, वहीं अंदरूनी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं है की फिटनेस सप्लीमेंट्स लेना का कोई फ़ायदा नहीं है | अगर आप पूरी जाँच पड़ताल करके रजिस्टर कंपनियों के सप्लीमेंट्स लेते है तो आपको बॉडी बनाने में काफी मदद मिलेगी | सप्लीमेंट लेना क्यों जरूरी है ? प्रोटीन्स, फैट्स, कार्बोहाइड्रेट्स, पानी, मिनिरल्स तथा विटामिन्स हमारे शरीर की विभिन् जरूरतें है| यह सब मांसपेशियां, ताकत, स्टैमिना जैसे खेलों में अति आवश्यक है शरीर के सभी अंगों को प्रफुलित करने के लिए इन तत्वों का होना अति आवश्यक है| प्रोटीन व एमिनो एसिड मान्स्पेशिओं के लिए अति आवश्यक है| व्यायाम के बाद मान्स्पेशिओ को दोबारा ताकत से काम करने के लिए इन सभी की जरूरत रहती है| जबकि कार्बोहाइड्रेट्स, फैट्स, शरीर को ऊर्जा शक्ति प्रदान करते हैं| बिना कार्ब्स के शरीर निर्जीव बेजान हो सकता है| सप्लीमेंट कुदरती खुराक पर ही आधारित होते हैं जैसे की दूध से हमें वेह प्रोटीन, केसीन, लैक्टोस, माखन, घी, बटर मिल्क, विटामिन डी, ए, इ, कैल्शियम, मैग्नीशियम जैसे तत्व मिलते हैं, विभिन अनाज जैसे की गेहूं, मक्की, बाजरा, चावल आदि से प्रोटीन, स्टार्च, ग्लूकोस, माल्टोडेक्सट्रिन, वेजिटेबल तेल, विटामिन, मिनिरल आदि तत्व मिलते हैं| इसी प्रकार विभिन्न, नट्स व् बीजों से प्रोटीन, स्टार्च, वेजिटेबल तेल, विटामिन, मिनिरल आदि तत्व मिलते हैं| इसी प्रकार विभिन्न नॉन वेज खाद्य सामग्री से जिन में विभिन्न जीव जंतु जैसे के दूधाधारी जानवर, रिंगने वाले जानवर, उड़ने वाले जानवर, पानी में रहने वाले जीव जंतु यह सब में प्रोटीन, फैट्स, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, मिनिरल आदि तत्व मिलते हैं| बाज़ारों में बढ़ रही नकली सप्लीमेंट्स की मात्रा देश में बेचे जा रहे 60 से 70 प्रतिशत पूर्ण आहार नकली गैर-मान्यता या गैर-रजिस्टर्ड हैं। एसोचैम की रिपोर्ट के मुताबिक देश में नकली फिटनेस सप्लीमेंट्स का बाजार वर्तमान में लगभग दो अरब डॉलर का है और वर्ष 2020 तक बढ़कर चार अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है| डाक्टरों के अनुसार नकली फिटनेस सप्लीमेंट्स में स्टेरायड होता है, इनसे हार्ट अटैक, दिल के रोगों के अलावा अन्य भयानक बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। आइये हम आपको बताते हैं इनका नकली सप्लीमेंट्स का कड़वा सच| नकली वेट गेनर सप्लीमेंट्स वजन बढ़ाने वाले सप्लीमेंट्स होते हैं| ये पाउडर के रूप में बाजार में मिलते हैं। इनमें प्रोटीन का स्तर काफी ऊंचा होता है और कई बार ये हाई प्रोटीन नुकसानदायक या जानलेवा भी सिद्ध हो सकते हैं।इन सप्लीमेंट से मिलने वाला प्रोटीन हमारे शरीर में ज्यादा मात्र में पहुंचने के कारण फैट में बदल जाता है और कोलेस्ट्रॉल के रूप में हमारे शरीर में जमा हो जाता है, जिससे स्ट्रेस लेवल बढ़ता है और दिल की बीमारियां हो सकती हैं। एनाबोलिक स्टेरॉयड एक तरह की ड्रग होती है, जो इंजेक्शन और कैप्सूल के तौर पर ली जाती है। इसके लगातार प्रयोग से पुरुष मेल हार्मोस और प्रजनन क्षमता पर इसका विपरीत असर पड़ता है, पुरुष नपुंसक भी हो सकते हैं। आजकल मोटापा एक आम समस्या बन चुकी है। वेट लूज करने वाली ड्रग्स में क्रोमियम का इस्तेमाल किया जाता है, जो मधुमेह रोगियों को दिया जाता है। ये ड्रग्स आठ से दस मिनट के अंदर ही वसा को जलाना शुरू कर देते हैं। ये शरीर में पानी की कमी कर देते हैं, जिनसे वजन कम हो जाता है। लेकिन डीहाइड्रेशन भी हो जाता है, जिससे मौत हो सकती है। जिस डाइटरी या फिटनेस सप्लीमेंट्स को रोज आप हेल्दी होने के लिए खा रहे हो, वह आपकी सेहत बिगाड़ रहा है | कैसे की जाए नकली सप्लीमेंट्स की पहचान ? कोई भी सप्लीमेंट्स खरीदने से पहले या खरीदते समय इन चीजो का ध्यान रखे: 1.लेबल और पैकेजिंग 2.एमआरपी स्टीकर चेक करें 3.लेबल पर लिखी सामग्री चेक करें 4.बारकोड की जाँच करें 5.सामग्री की जांच 6.स्वाद इन बातों को ध्यान में रखते हुए आप नकली और असली सप्लीमेंट की पहचान आसानी से कर सकते है| आजकल के युवाओं में बॉडीबिल्डिंग बनाने का बहुत क्रेज़ है जिसके चलते वह बिना किसी जाँच के और बिना किसी एक्सपर्ट की सलाह से सप्लीमेंट का सेवन करते है | इन नकली सप्लीमेंट्स से कई प्रकार की बीमारियां और साइड इफेक्ट्स होने का ख़तरा है जैसे दिल की बीमारी , स्ट्रेस लेवल और भी कई बीमारियों हो सकती है | लेकिन अगर इन फिटनेस सप्लीमेंट्स को एक्सपर्ट की सलाह और जाँच पड़ताल से लेते है तो निश्चित रूप से ही फिटनेस सप्लीमेंट्स आप की बॉडी के लिए फायदेमंद साबित होंगे |