जहाँ पर मोटापे को तुरंत कम करने के लिए दवा सही विकल्प नहीं हैं वहीं शरीर से फैट को कम करने के लिए कुछ सप्लीमेंट है जिससे आप वजन काम करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है अगर इनका सेवन, संयम, निरंतर व्यायाम और हेल्दी डाइट के साथ करें तो।जहाँ पौष्टिक पदार्थ और ट्रेनिंग वजन कम करने का सबसे एहम हिसा है वहीं आप फैट बर्निंग सप्लीमेंट ले सकते है जिससे मोटापा काम करने की प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है ।फैट बर्निंग सप्लीमेंट में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो फैट बर्न करने की प्रक्रिया को अतिरिक्त गति देते हैं। क्या है फैट बर्नर ? जैसे की नाम से ही पता लग रहा है की यह सप्लीमेंट फैट कम करने से संंबंधित है ।इसका इस्तेमाल करने से आपको मोटापा कम करने में मदद होगी ।इसका इस्तेमाल बॉडीबिल्डर भी करते है जिससे की वो अपने बॉडी से मोटापा कम करके अपनी मसल्स को अच्छी तरह से दिखा सके। कैसे काम करता है फैट बर्नर ? फैट बर्नर हमारे फैट बर्न करने वाले सेल्स को एक्टिवेट करके उनको तेज कर देता है। यह बॉडी के मेटाबोलिज्म को बढ़ावा देता है जिसकी वजह से आपको फैट बर्न करने मे मदद मिलती है। फैट बर्नर के प्रकार थर्मोजेनिक (Thermogenic) यह एक साधारण प्रॉडक्ट है जो की लीन बॉडी बनाने मे मदद करता है। इस प्रकार के फैट बर्नर मे कैफीन पाया जाता है । यह बॉडी के स्ट्रेन्थ लेवल को बढ़ा देता है, एनर्जी बढ़ाता है करता है और आपकी भूख को कम कर देता है। फैट ट्रांसपोर्टर्स (Fat Transporters) सिर्फ फैट हटाने से कोई फायदा नही जब तक आपकी बॉडी उस फैट को एनर्जी की तरह बर्न ना करे और यह खून मे रह जाये तो वापिस आपके बॉडी मे फैट की तरह जमा हो जाता है। इसीलिए कार्निटिन सप्लीमेंट लिया जाता है जो की एक फैट ट्रांसपोर्टर्स है।जो की फैट को माइटोकांड्रिया सेल तक पहुंचाने का काम करता है और माइटोकांड्रिया को पावर हाउस भी कहा जाता है जो की फैट को एनर्जी मे तब्दील करने का काम करती है। लिपोलिटिक एजेंट (Lipolytic Agent) लिपॉइस एक प्रोसैस है जिसमे आपकी फैट सेल्स से फैट को निकालने लगती है और इसके साथ यह एनर्जी देता है। फैट रिलीस होने के बाद सेल छोटी हो जाती है और ज्यादा लीन दिखने लगते है। इन्सुलिन कण्ट्रोल (Insulin Control) जब आप ज्यादा कार्ब डाइट लेते है तब इंसुलिन लेवेल बढ़ जाता है जो की फैट बर्निंग प्रोसैस को कम कर देता है और बॉडी मे फैट इक्कठा होने लगता है। इसके लिए आप लो कार्ब डाइट का इस्तेमाल कर सकते है। थ्यरोइड सिम्युलेटर्स (Thyroid Simulators) थ्यरोइड ग्लैंड हमारी बॉडी मे बहुत ही बड़ा रोल अदा करती है। थ्यरोइड हॉर्मोन्स हमारे शरीर मे मेटाबोलिज्म को कंट्रोल भी करता है। मूड और ब्रेन बूस्टर्स (Mood and Brain Boosters) जब आप लीन बॉडी बनाने के लिए बनाते हो तब कुछ समस्या सामने आती है उन मे से सबसे साधारण है मूड का स्विंग होना। आपका एक्सरसाइज़ करने का मन नही करता है और यह हर एक साथ होता है तो इसके लिए भी एक प्रॉडक्ट मार्केट मे मिलता है कैफीन , फेनयेथीलामिने जो की मूड स्विंग से बचाने के साथ-साथ आपकी फैट बर्न करने मे भी मदद करते है। कार्ब और फैट ब्लॉकर (Carb and Fat Blocker) इस तरह के प्रॉडक्ट बॉडी मे कार्ब और फैट को अब्सॉर्ब करने से रोकते है और इसके साथ - साथ जो नुट्रिशन शरीर के लिए जरूरी नही है उनको भी रोकता है। एपेटाइट सुप्प्रेसेंट्स (Appetite Suppressants) जब आप डाइटिंग शुरू करते है और आप अन्हेल्थी फूड छोड़ते है और आप जरूरत से ज्यादा कलोरीस लेना बंद कर देते हैं तब आपको भूख के दर्द से गुजरना पड़ता है इसके लिए आप कोई भी हरी सब्जियाँ खा सकते है या ग्लूकाननों, फेनयेथीलामिने, जैसे प्रॉडक्ट का इस्तेमाल कर सकते जिससे आप ओवरइटिंग को कंट्रोल कर सकते है। दिउरेटिक्स (Diuretics) अगर आपकी स्किन यानि त्वचा मे पानी की मात्रा ज्यादा है तो आपकी मसल्स उतनी नही दिख पा रही है जितनी के बॉडीबिल्डर की दिखती है। कुछ नैचुरल चीजें है जैसे के डंडेलिओं एक्सट्रेक्ट और होर्सेटाइल एक्सट्रेक्ट जैसे प्रॉडक्ट आप इस्तेमाल कर सकते है। वजन कम करने के लिए क्या खाएं ? ब्राउन ब्रेड, दलिया ( बिना मीठे के ) , कॉर्न, ब्राउन राइस, छिलके वाली दालें भरपूर लें। फैट फ्री दूध,सोया मिल्क, अंडे का सफेद हिस्सा, सोयाबीन, पालक, चुकुंदर आदि खाएं। रोजाना मुट्ठी भर नट्स खाएं।फलों का सेवन करें । मौसमी सब्जियां खाएं।खाना खाने से पहले प्लेट भर सलाद का सेवन करे।दिन में 3-4 लीटर पानी ले । पानी न सिर्फ फैट कम करता है, बल्कि शरीर से जहरीले तत्वों को भी निकालता है।सोयाबीन और लहसुन वजन कम करने में मदद करता है। सोयाबीन में मौजूद लेसिथिन केमिकल सेल्स पर फैट जमा होने से रोकता है। हफ्ते में कम-से-कम तीन बार सोयाबीन खाने से शरीर में फैट से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। फैट बर्नर लेना का सही समय आहार आप थर्मोजेनिक फैट बर्नर का इस्तेमाल कर रहे है तो आप इसे खाने से 30 से 40 मिनट पहले ले।अगर आप लिपोलिटिक फैट बर्नर ले रहे तो उसे एक्सरसाइज से पहले ले।इन्सुलिन कण्ट्रोल और कार्ब और फैट ब्लॉकर इन को खाने के बाद ले।जिन प्रोडक्ट्स में कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है उन्हें खाने से पहले या एक्सरसाइज से पहले ले।